06 May 2022 05:23 PM

जोग संजोग टाइम्स,
अक्षय तृतीया को राजेडू गांव के बाबूलाल जाट की शादी हुई तो घर में खुशी का माहौल था। शादी की रंगत दो दिन बाद शुक्रवार को ही गायब हो गई जब करंट की चपेट में आने से बाबूलाल कुंड में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। खुद बाबूलाल के हाथ की मेहंदी अभी उतरी ही नहीं है कि घर में मातम छा गया। उसकी नई नवेली दुल्हन सहित घर के हर सदस्य का रो रोकर बुरा हाल है।
श्रीडूंगरगढ़ के गांव राजेडू में नव विवाहित बाबूलाल जाट कृषि कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ गया। झटका लगन से वो कुंड में गिर गया। जहां उसकी मौत हो गई। बाबुलाल जाट का अक्षय तृतीया पर तीन मई को ही विवाह हुआ था। गुरुवार को बाबूलाल खेत में बनी कुंड में बूस्टर लगा रहा था उसी दौरान करंट लगने से वह कुंड में गिर गया। परिजन उसे तुरन्त अस्पताल लेकर दौड़े परन्तु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
राजेडू गांव के सरपंच प्रतिनिधि भंवरलाल ने बताया कि भंवरलाल जाट के 4 पुत्र और 1 पुत्री है। बाबूलाल दूसरे नंबर पर था। पूरा परिवार कृषि कार्य ही करता है। अभी घर में शादी के कामकाज ही चल रहे थे कि अचानक मौत से पूरा गांव गमगीन है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एक दिन पूर्व ही बहन-बेटियों को विदाई दी गई थी। खासकर उसकी पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है।
जोग संजोग टाइम्स,
अक्षय तृतीया को राजेडू गांव के बाबूलाल जाट की शादी हुई तो घर में खुशी का माहौल था। शादी की रंगत दो दिन बाद शुक्रवार को ही गायब हो गई जब करंट की चपेट में आने से बाबूलाल कुंड में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। खुद बाबूलाल के हाथ की मेहंदी अभी उतरी ही नहीं है कि घर में मातम छा गया। उसकी नई नवेली दुल्हन सहित घर के हर सदस्य का रो रोकर बुरा हाल है।
श्रीडूंगरगढ़ के गांव राजेडू में नव विवाहित बाबूलाल जाट कृषि कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ गया। झटका लगन से वो कुंड में गिर गया। जहां उसकी मौत हो गई। बाबुलाल जाट का अक्षय तृतीया पर तीन मई को ही विवाह हुआ था। गुरुवार को बाबूलाल खेत में बनी कुंड में बूस्टर लगा रहा था उसी दौरान करंट लगने से वह कुंड में गिर गया। परिजन उसे तुरन्त अस्पताल लेकर दौड़े परन्तु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
राजेडू गांव के सरपंच प्रतिनिधि भंवरलाल ने बताया कि भंवरलाल जाट के 4 पुत्र और 1 पुत्री है। बाबूलाल दूसरे नंबर पर था। पूरा परिवार कृषि कार्य ही करता है। अभी घर में शादी के कामकाज ही चल रहे थे कि अचानक मौत से पूरा गांव गमगीन है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एक दिन पूर्व ही बहन-बेटियों को विदाई दी गई थी। खासकर उसकी पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है।
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