26 February 2022 12:19 PM

पहले भी हुई है इस तरह की कोशिश
इस तरह की कोशिशें पहले भी हुई हैं। जुलाई 2019 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बेलआउट पैकेज के अलावा बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ। अमेरिका के साथ पाकिस्तान की बेहतर संबंध बनाने की संभावनाएं तब और कम हो गईं जब अमेरिका ने नवंबर 2021 में कतर को अफगानिस्तान में अपना राजनयिक प्रतिनिधि घोषित किया था।
CPEC को कर्ज का जाल बताने वाली खबरों को किया था खारिज
फरवरी की शुरुआत में इमरान खान ने चीन इंस्टीट्यूट ऑफ फुडन यूनिवर्सिटी की सलाहकार समिति के निदेशक एरिक ली के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि "हम CPEC और ग्वादर को भू-अर्थशास्त्र के लिए एक महान अवसर के रूप में देखते हैं।" साथ ही पाकिस्तान ने सीपीईसी के 'कर्ज के जाल' होने की खबरों को खारिज किया था।
पहले भी हुई है इस तरह की कोशिश
इस तरह की कोशिशें पहले भी हुई हैं। जुलाई 2019 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बेलआउट पैकेज के अलावा बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ। अमेरिका के साथ पाकिस्तान की बेहतर संबंध बनाने की संभावनाएं तब और कम हो गईं जब अमेरिका ने नवंबर 2021 में कतर को अफगानिस्तान में अपना राजनयिक प्रतिनिधि घोषित किया था।
CPEC को कर्ज का जाल बताने वाली खबरों को किया था खारिज
फरवरी की शुरुआत में इमरान खान ने चीन इंस्टीट्यूट ऑफ फुडन यूनिवर्सिटी की सलाहकार समिति के निदेशक एरिक ली के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि "हम CPEC और ग्वादर को भू-अर्थशास्त्र के लिए एक महान अवसर के रूप में देखते हैं।" साथ ही पाकिस्तान ने सीपीईसी के 'कर्ज के जाल' होने की खबरों को खारिज किया था।
RELATED ARTICLES
28 February 2026 07:18 PM
23 August 2021 08:50 PM
© Copyright 2021-2025, All Rights Reserved by Jogsanjog Times| Designed by amoadvisor.com