25 February 2023 02:28 PM

जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,
राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 14वें संस्करण का आयोजन राजस्थान में पहली बार बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में दिनांक 25 फरवरी 2023 से 5 मार्च 2023 तक किया जाएगा। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, संस्कृति मंत्रालय का एक प्रमुख महोत्सव है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और लोकप्रिय बनाना है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव भारत के प्रत्येक लोक, पारंपरिक, आदिवासी, शास्त्रीय और लोकप्रिय कला रूपों को एक ही छत के नीचे देखने का एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव ने एक राज्य की लोक और जनजातीय कला, नृत्य, संगीत, व्यंजन और संस्कृति को दूसरे राज्यों में प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का "एक भारत श्रेष्ठ भारत" का लक्ष्य मजबूत हुआ है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2015 से 7 क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं।
यह महोत्सव "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के उद्देश्य को पूरा करने के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को मजबूत करने के लिए 3C (Culture, Craft and Cuisine) पर बल देता है। बीकानेर को राजस्थान की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। बीकानेर में अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार, कलाकार, रंगकर्मी एवं • हस्तशिल्पी हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में 14वें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन राजस्थान के बीकानेर जिले में हो रहा है। यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ बीकानेर के स्थानीय कलाकारों को भी मंच देकर उनकी कला को देश-विदेश में पहचान दिलाएगा। इससे पूर्व यह महोत्सव भारत के अलग-अलग राज्यों के विभिन्न शहरों में आयोजित हो चुका है। इनमें दिल्ली, वाराणसी (उत्तर प्रदेश), बेंगलुरु, हुबली, मैंगलोर (कर्नाटक), अहमदाबाद एवं द्वारका (गुजरात), राजामुंद्री, वारंगल, हैदराबाद (आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना), ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, रीवा, सागर एवं जबलपुर (मध्य प्रदेश), मुंबई (महाराष्ट्र), टिहरी (उत्तराखंड), तवांग (अरुणाचल प्रदेश), कूचबिहार, मुर्शिदाबाद एवं दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,
राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव के 14वें संस्करण का आयोजन राजस्थान में पहली बार बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में दिनांक 25 फरवरी 2023 से 5 मार्च 2023 तक किया जाएगा। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव, संस्कृति मंत्रालय का एक प्रमुख महोत्सव है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और लोकप्रिय बनाना है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव भारत के प्रत्येक लोक, पारंपरिक, आदिवासी, शास्त्रीय और लोकप्रिय कला रूपों को एक ही छत के नीचे देखने का एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव ने एक राज्य की लोक और जनजातीय कला, नृत्य, संगीत, व्यंजन और संस्कृति को दूसरे राज्यों में प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का "एक भारत श्रेष्ठ भारत" का लक्ष्य मजबूत हुआ है। राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव 2015 से 7 क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं।
यह महोत्सव "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के उद्देश्य को पूरा करने के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं को मजबूत करने के लिए 3C (Culture, Craft and Cuisine) पर बल देता है। बीकानेर को राजस्थान की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। बीकानेर में अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार, कलाकार, रंगकर्मी एवं • हस्तशिल्पी हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में 14वें राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन राजस्थान के बीकानेर जिले में हो रहा है। यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ बीकानेर के स्थानीय कलाकारों को भी मंच देकर उनकी कला को देश-विदेश में पहचान दिलाएगा। इससे पूर्व यह महोत्सव भारत के अलग-अलग राज्यों के विभिन्न शहरों में आयोजित हो चुका है। इनमें दिल्ली, वाराणसी (उत्तर प्रदेश), बेंगलुरु, हुबली, मैंगलोर (कर्नाटक), अहमदाबाद एवं द्वारका (गुजरात), राजामुंद्री, वारंगल, हैदराबाद (आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना), ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, रीवा, सागर एवं जबलपुर (मध्य प्रदेश), मुंबई (महाराष्ट्र), टिहरी (उत्तराखंड), तवांग (अरुणाचल प्रदेश), कूचबिहार, मुर्शिदाबाद एवं दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।
RELATED ARTICLES
17 September 2021 10:42 AM
© Copyright 2021-2025, All Rights Reserved by Jogsanjog Times| Designed by amoadvisor.com