04 March 2022 01:14 PM

जोग संजोग टाइम्स ,बीकानेर
फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने जनवरी में भारत में 13 तरह का पॉलिसी को नहीं मानने पर फेसबुक पर 1.16 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की है. इसमें बुलिंग और उत्पीड़न, बच्चों को खतरे में डालना, खतरनाक आर्गनाइजेशन और सेक्शुअल एक्टिविटी शामिल हैं. वहीं वॉट्सऐप पर भारतीयों के 18.58 लाख भारतीयों अकाउंट बैन किए गए. मेटा ने आईटी नियमों में अपनी मंथली रिपोर्ट में बताया है कि दूसरे क्षेत्रों में जहां कंटेंट पर कार्रवाई की गई थी, उनमें हेट स्पीच, सुसाइड और सेल्फ इंजरी, स्पैम और हिंसा वाले ग्राफिक्स कंटेंट शामिल हैं.
मेटा ने बताया कि फेसबुक ने 1 से 31 जनवरी के बीच कई कैटेगरी में 1.16 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की गई, जबकि इंस्टाग्राम ने इसी अवधि के दौरान 12 कैटेगरी में लगभग 32 लाख कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पिछले साल मई में लागू हुए आईटी नियमों के मुताबिक बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म (50 लाख से ज्यादा यूजर्स के साथ) को हर महीने अपनी पीरियडिकली कंप्लायंस रिपोर्ट देनी होती है. इस रिपोर्ट में मिली शिकायतों पर की गई कार्रवाई की डिटेल्स भी देनी होती है. इसमें ऑटोमैटिक डिवाइसों का इस्तेमाल करके सक्रिय रूप से निगरानी के जरिए हटाई गई या डिएक्टिवेट किए गए कंटेंट का डिटेल देना भी शामिल है.
जोग संजोग टाइम्स ,बीकानेर
फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने जनवरी में भारत में 13 तरह का पॉलिसी को नहीं मानने पर फेसबुक पर 1.16 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की है. इसमें बुलिंग और उत्पीड़न, बच्चों को खतरे में डालना, खतरनाक आर्गनाइजेशन और सेक्शुअल एक्टिविटी शामिल हैं. वहीं वॉट्सऐप पर भारतीयों के 18.58 लाख भारतीयों अकाउंट बैन किए गए. मेटा ने आईटी नियमों में अपनी मंथली रिपोर्ट में बताया है कि दूसरे क्षेत्रों में जहां कंटेंट पर कार्रवाई की गई थी, उनमें हेट स्पीच, सुसाइड और सेल्फ इंजरी, स्पैम और हिंसा वाले ग्राफिक्स कंटेंट शामिल हैं.
मेटा ने बताया कि फेसबुक ने 1 से 31 जनवरी के बीच कई कैटेगरी में 1.16 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की गई, जबकि इंस्टाग्राम ने इसी अवधि के दौरान 12 कैटेगरी में लगभग 32 लाख कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पिछले साल मई में लागू हुए आईटी नियमों के मुताबिक बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म (50 लाख से ज्यादा यूजर्स के साथ) को हर महीने अपनी पीरियडिकली कंप्लायंस रिपोर्ट देनी होती है. इस रिपोर्ट में मिली शिकायतों पर की गई कार्रवाई की डिटेल्स भी देनी होती है. इसमें ऑटोमैटिक डिवाइसों का इस्तेमाल करके सक्रिय रूप से निगरानी के जरिए हटाई गई या डिएक्टिवेट किए गए कंटेंट का डिटेल देना भी शामिल है.
RELATED ARTICLES
02 June 2026 08:22 AM
28 May 2022 04:03 PM
© Copyright 2021-2025, All Rights Reserved by Jogsanjog Times| Designed by amoadvisor.com