17 May 2021 10:04 AM

जोग संजोग टाइम्स
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद आज सुबह 5 बजे खोल दिए गए है। कोरोना के कारण भक्तों की भीड़ नहीं नजर आईं। पूरे मंदिर को 11 कुंतल फूलों से सजाया गया था।
आपको बता दें, वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई और गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई को खुल चुके हैं। चारों धाम में बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 मई को तड़के 4 बजकर 15 बजे खुलेंगे। कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालुओं को इन धामों में आने की अनुमति नहीं है। जिसके कारण सिर्फ ऑनलाइन दर्शन ही कर सकते है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बाबा केदार के धाम के पट खुलने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनांए देते हुए उनसे अपील की कि वे अपने घरों में रहकर ही पूजा अर्चना करें। वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड एवं मंदिर समितियों द्वारा चारों धामों में पहली पूजाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जनकल्याण के लिए की जा रही हैं।
गढ़वाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली चारधाम यात्रा पर भी कोविड का साया पड़ा है। पिछले साल नियत समय से देर से शुरू हुई चारधाम यात्रा को इस बार भी कोविड मामलों में उछाल आने के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। चारधाम यात्रा को स्थगित करने की घोषणा करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 29 अप्रैल को कहा था कि महामारी की वर्तमान स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है।
उन्होंने कहा था कि धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित ही नियमित पूजा करेंगे। देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी कोविड मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में कोरोना वायरस के रोजाना 5,000 से 9,000 मामले आ रहे हैं।
जोग संजोग टाइम्स
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद आज सुबह 5 बजे खोल दिए गए है। कोरोना के कारण भक्तों की भीड़ नहीं नजर आईं। पूरे मंदिर को 11 कुंतल फूलों से सजाया गया था।
आपको बता दें, वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई और गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई को खुल चुके हैं। चारों धाम में बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 मई को तड़के 4 बजकर 15 बजे खुलेंगे। कोरोना महामारी के कारण श्रद्धालुओं को इन धामों में आने की अनुमति नहीं है। जिसके कारण सिर्फ ऑनलाइन दर्शन ही कर सकते है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बाबा केदार के धाम के पट खुलने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनांए देते हुए उनसे अपील की कि वे अपने घरों में रहकर ही पूजा अर्चना करें। वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड एवं मंदिर समितियों द्वारा चारों धामों में पहली पूजाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जनकल्याण के लिए की जा रही हैं।
गढ़वाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली चारधाम यात्रा पर भी कोविड का साया पड़ा है। पिछले साल नियत समय से देर से शुरू हुई चारधाम यात्रा को इस बार भी कोविड मामलों में उछाल आने के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। चारधाम यात्रा को स्थगित करने की घोषणा करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 29 अप्रैल को कहा था कि महामारी की वर्तमान स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है।
उन्होंने कहा था कि धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित ही नियमित पूजा करेंगे। देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी कोविड मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में कोरोना वायरस के रोजाना 5,000 से 9,000 मामले आ रहे हैं।
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