18 October 2024 01:04 PM

बीकानेर, 7 अक्टूबर। मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित विशेष योग्यजनों को व्हीलचेयर क्रय के लिए एक लाख रुपए तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति 7 नवंबर को सायं 6 बजे तक आवेदन चोपड़ा कटला स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्याल में कर सकते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल. डी. पंवार ने बताया कि आवेदन ऑफलाइन प्रस्तुत करना होगा। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं विशिष्ट नि:शक्तता प्रमाण-पत्र (पीला या नीला) होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पीला प्रमाण-पत्र 40 प्रतिशत से 79 प्रतिशत नि:शक्तता के लिए और नीला प्रमाण-पत्र 80 प्रतिशत या उससे अधिक नि:शक्तता के लिए जारी किया जाता है।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि योजना के तहत आय और आयु की सीमा नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आवेदन के प्रमाण पत्र जांच में सही पाए जाने पर विशेष योग्यजन को नियमानुसार व्हीलचेयर मिल सकेगी।
यह होते हैं मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के प्रमुख लक्षण
विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अरविंद आचार्य ने बताया कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का मुख्य लक्षण यह है कि व्यक्ति की मांसपेशियों में उत्तरोत्तर कमजोरी आती है। मांसपेशियों के भार में कमी आने लगती है, जिससे मांसपेशियों का विकास रुक जाता है। उन्होंने बताया कि यह एक तरह का अनुवांशिक रोग है। ऐसा मांसपेशियों के तंतुओं की रक्षा करने वाले प्रोटीन बनाने वाले जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है। इससे चलने फिरने में अत्यधिक दिक्कत आने के कारण व्हीलचेयर की आवश्यकता होती है।
बीकानेर, 7 अक्टूबर। मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित विशेष योग्यजनों को व्हीलचेयर क्रय के लिए एक लाख रुपए तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति 7 नवंबर को सायं 6 बजे तक आवेदन चोपड़ा कटला स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्याल में कर सकते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल. डी. पंवार ने बताया कि आवेदन ऑफलाइन प्रस्तुत करना होगा। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास मूल निवासी प्रमाण पत्र एवं विशिष्ट नि:शक्तता प्रमाण-पत्र (पीला या नीला) होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पीला प्रमाण-पत्र 40 प्रतिशत से 79 प्रतिशत नि:शक्तता के लिए और नीला प्रमाण-पत्र 80 प्रतिशत या उससे अधिक नि:शक्तता के लिए जारी किया जाता है।
संयुक्त निदेशक ने बताया कि योजना के तहत आय और आयु की सीमा नहीं होगी। उन्होंने बताया कि आवेदन के प्रमाण पत्र जांच में सही पाए जाने पर विशेष योग्यजन को नियमानुसार व्हीलचेयर मिल सकेगी।
यह होते हैं मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के प्रमुख लक्षण
विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अरविंद आचार्य ने बताया कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का मुख्य लक्षण यह है कि व्यक्ति की मांसपेशियों में उत्तरोत्तर कमजोरी आती है। मांसपेशियों के भार में कमी आने लगती है, जिससे मांसपेशियों का विकास रुक जाता है। उन्होंने बताया कि यह एक तरह का अनुवांशिक रोग है। ऐसा मांसपेशियों के तंतुओं की रक्षा करने वाले प्रोटीन बनाने वाले जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है। इससे चलने फिरने में अत्यधिक दिक्कत आने के कारण व्हीलचेयर की आवश्यकता होती है।
RELATED ARTICLES
02 August 2026 10:12 AM
18 September 2023 01:29 PM
© Copyright 2021-2025, All Rights Reserved by Jogsanjog Times| Designed by amoadvisor.com