15 June 2022 12:39 PM

जोग संजोग टाइम्स,
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राजस्थान में ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के राष्ट्रीय राजमार्ग (एनाएक 76 के कोटा बाईपास पर केवल स्टे ब्रिज के निर्माण एवं रखरखाव की परियोजना पूरी हो गई है।
छीटों की एक श्रृंखला में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार हमारे देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए चौबीस घंटे काम कर रही है।
श्री गडकरी ने कहा कि चंबल नदी पर 1.4 किमी केबल स्टे पुल का निर्माण लगभग 214 करोड़ रुपये के कुल कैपेक्स के साथ किया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा 2017 में किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह पुत कोटा बाईपास का हिस्सा है और पोरबंदर (गुजरात) से सितंबर (असम) तक ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर का हिस्सा है। यह पुल अत्याधुनिक प्रणाली जैसेकि अत्याधिक यातायात जाम की स्थिति को संभालने में सक्षम है तथा भारी वर्षा, हवा, तूफान से निपटने के लिए बनाया गया है और यहां तक कि भूकंप की अधिसूचना से भी सुसज्जित है जिसे पुल के नियंत्रण कक्ष को भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रिज के केवल प्रकृति में एयरोडायनामिक है तथा उनमें तूफानी हवाओं में वटस्थ रहने की क्षमता है।
श्री गडकरी ने कहा कि वन्य जीवन को परेशानी से बचाने के लिए पुल के दोनों ओर 700 मीटर की लंबाई में लगभग 70 प्रतिशत दृश्यता के साथ 7.5 मीटर ध्वनि अवरोध स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल राजस्थान के इदोती क्षेत्र के निवासियों को लाभ पहुंचा है बल्कि इसने कोटा शहर में यातायात की भीड़ को कम करने में भी योगदान दिया है।
जोग संजोग टाइम्स,
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राजस्थान में ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के राष्ट्रीय राजमार्ग (एनाएक 76 के कोटा बाईपास पर केवल स्टे ब्रिज के निर्माण एवं रखरखाव की परियोजना पूरी हो गई है।
छीटों की एक श्रृंखला में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार हमारे देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए चौबीस घंटे काम कर रही है।
श्री गडकरी ने कहा कि चंबल नदी पर 1.4 किमी केबल स्टे पुल का निर्माण लगभग 214 करोड़ रुपये के कुल कैपेक्स के साथ किया गया था तथा इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा 2017 में किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह पुत कोटा बाईपास का हिस्सा है और पोरबंदर (गुजरात) से सितंबर (असम) तक ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर का हिस्सा है। यह पुल अत्याधुनिक प्रणाली जैसेकि अत्याधिक यातायात जाम की स्थिति को संभालने में सक्षम है तथा भारी वर्षा, हवा, तूफान से निपटने के लिए बनाया गया है और यहां तक कि भूकंप की अधिसूचना से भी सुसज्जित है जिसे पुल के नियंत्रण कक्ष को भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रिज के केवल प्रकृति में एयरोडायनामिक है तथा उनमें तूफानी हवाओं में वटस्थ रहने की क्षमता है।
श्री गडकरी ने कहा कि वन्य जीवन को परेशानी से बचाने के लिए पुल के दोनों ओर 700 मीटर की लंबाई में लगभग 70 प्रतिशत दृश्यता के साथ 7.5 मीटर ध्वनि अवरोध स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल राजस्थान के इदोती क्षेत्र के निवासियों को लाभ पहुंचा है बल्कि इसने कोटा शहर में यातायात की भीड़ को कम करने में भी योगदान दिया है।
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17 September 2023 01:14 PM
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