18 April 2022 12:23 PM
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थक एक साल बाद भी उनकी हार पचा नहीं पा रहे हैं. अमेरिका के सैकड़ों कट्टरपंथी ईसाई पादरी डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थन में आ गए हैं. इनमें से ज्यादातर स्वेत लोगों के वर्चस्व को बेहतर मानने वाले हैं. ये ईसाई पादरी डॉनल्ड ट्रम्प को मसीहा बता रहे है. उनके मुताबिक ट्रम्प धरती पर जीसस क्राइस्ट का शासन फिर से लेकर आएंगे. इनमें से ज्यादातर पादरी दक्षिण पंथी ईसाई मिशनरी हैं जिन्होंने पिछले राष्ट्रपति चुनाव के बाद Evangelicals for Trump Coelish शुरू किया था यानी इवेंजेलिकल क्रिश्चियन ट्रम्प के साथ हैं.अमेरिकी मीडिया के रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉनल्ड ट्रम्प समर्थक और टेनेसी के पादरी ग्रेग लोके ने दक्षिणपंथी ईसाईयत को व्हाइट नेशनलिज्म से जोड़ा है. दरअसल, ग्रेग लोके जिस राष्ट्रवाद का प्रसार कर रहे हैं उसमें प्रवासियों, अश्वेतों के लिए जगह नहीं है. इनको वह बाहरी कहते हैं. अमेरिका में दक्षिणपंथी ईसाइयत दशकों से रूढ़िवाद के साथ गुंथा है जो डॉनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान चरम पर था. अमेरिका में श्वेत बनाम अश्वेत का मुद्दा भी तब खूब उठा था.
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थक एक साल बाद भी उनकी हार पचा नहीं पा रहे हैं. अमेरिका के सैकड़ों कट्टरपंथी ईसाई पादरी डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थन में आ गए हैं. इनमें से ज्यादातर स्वेत लोगों के वर्चस्व को बेहतर मानने वाले हैं. ये ईसाई पादरी डॉनल्ड ट्रम्प को मसीहा बता रहे है. उनके मुताबिक ट्रम्प धरती पर जीसस क्राइस्ट का शासन फिर से लेकर आएंगे. इनमें से ज्यादातर पादरी दक्षिण पंथी ईसाई मिशनरी हैं जिन्होंने पिछले राष्ट्रपति चुनाव के बाद Evangelicals for Trump Coelish शुरू किया था यानी इवेंजेलिकल क्रिश्चियन ट्रम्प के साथ हैं.अमेरिकी मीडिया के रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉनल्ड ट्रम्प समर्थक और टेनेसी के पादरी ग्रेग लोके ने दक्षिणपंथी ईसाईयत को व्हाइट नेशनलिज्म से जोड़ा है. दरअसल, ग्रेग लोके जिस राष्ट्रवाद का प्रसार कर रहे हैं उसमें प्रवासियों, अश्वेतों के लिए जगह नहीं है. इनको वह बाहरी कहते हैं. अमेरिका में दक्षिणपंथी ईसाइयत दशकों से रूढ़िवाद के साथ गुंथा है जो डॉनल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान चरम पर था. अमेरिका में श्वेत बनाम अश्वेत का मुद्दा भी तब खूब उठा था.
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