21 May 2025 10:55 AM

बीकानेर। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए न्यूनतम तीन साल की वकालत को अनिवार्य कर दिया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय का मंगलवार को आदेश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है। बार एसोसिएएशन बीकानेर ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने फैसले पर अपना रुख जारी करते हुए कहा है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों की गुणवत्ता और अनुभव को सुनिश्चित करना है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति एजी. मसीह और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन शामिल थे। उन्होंने यह एतिहासिक फैसला सुनाया कि वकालत अनुभव की यह अवधि प्रोविजनल एनरोलमेंट की तारीख या ऑल इंडिया बार परीक्षा पास करने की तारीख से गिनी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद बार एसोसिएशन बीकानेर के अधिवक्ताओं ने खुशी जताई।
बीकानेर। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए न्यूनतम तीन साल की वकालत को अनिवार्य कर दिया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय का मंगलवार को आदेश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है। बार एसोसिएएशन बीकानेर ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने फैसले पर अपना रुख जारी करते हुए कहा है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों की गुणवत्ता और अनुभव को सुनिश्चित करना है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति एजी. मसीह और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन शामिल थे। उन्होंने यह एतिहासिक फैसला सुनाया कि वकालत अनुभव की यह अवधि प्रोविजनल एनरोलमेंट की तारीख या ऑल इंडिया बार परीक्षा पास करने की तारीख से गिनी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद बार एसोसिएशन बीकानेर के अधिवक्ताओं ने खुशी जताई।

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