01 April 2026 02:16 PM

जोग संजोग टाइम्स
जैन महासभा बीकानेर द्वारा भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 बड़े धूम धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महासभा के अध्यक्ष कन्हैयाल जी बोथरा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत 29 मार्च को महावीर पार्क में नवकार मंत्र की सामूहिक स्तुति व भगवान महावीर की प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का आगाज किया गया। तत्पश्चात बीकानेर के आचार्य तुलसी रिजनल कैंसर रिसर्च सेंटर, ट्रोमा सेन्टर, मुक बधिर आश्रम, महिला सेवाश्रम, अपना घर आश्रम , अंध विधालय, अनाथालय आदि स्थानों पर फल वितरण किये।
30 मार्च को एक शाम भगवान महावीर के नाम कार्यक्रम रखा गया। जिसमें भक्ति संध्या में बीकानेर के प्रतिष्ठित भजन गायकों ने अपने भजनों से भगवान की भक्ति की। इस अवसर पर भजन सम्राट स्व. मगन जी कोचर को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके समाज हित में एवं संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान हेतु श्रद्धांजलि व अभिनंदन पत्र उनके परिवार जनों को भेंट किया गया। साथ ही ज्ञान वाटिका, अर्हम स्कूल द्वारा नाटिका व सायशा कोचर द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुति की गई । सभी भजन कलाकारों को स्मृति चिन्ह व नाटिका प्रस्तुत करने वाले बच्चों को राशि भेंट की गई ।
भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर जैन महासभा बीकानेर के द्वारा 31 मार्च को विशाल शोभा यात्रा बीकानेर के तीन क्षेत्रों से एक साथ शुरू हुई।
गंगाशहर – भीनासर से जैन जवाहर विधा पीठ से दूसरी सुराणा स्वाध्याय सदन से व तीसरी दिगंबर नशिया मंदिर से। शोभा यात्रा का त्रिवेणी संगम बीकानेर भुजिया बाजार में हुआ वहाँ से शोभा यात्रा गौडी़ पार्श्वनाथ मन्दिर परिसर में पहुंची जहाँ विशाल धर्म सभा में समाहित हो गई।
आज इस विशाल शोभा यात्रा में विभिन्न स्कूलों व धार्मिक संगठनों ने 84 झांकियां प्रर्दशित की गई। जो भगवान के संदेशों और जीवन दर्शन की झलक दिखा रही थी।
कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण के शिष्य मुनि श्री अमृत कुमार जी ने कहा कि भगवान महावीर ने इस धरा पर जन्म लेकर आलोकित कर दिया।
हमारा जैन मंत्र नवकार भी जैन एकता का प्रतीक है।
हमारी सामायिक, नवकार, मंगलपाठ, तपस्या सभी एकता की प्रतीक है। बीकानेर जैन महासभा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 21 व्यंजन सीमा अभियान से प्रत्येक परिवार को जुड़ना चाहिए। जैन महासभा बीकानेर के जैन समाज के लिए मुख्या, मातृत्व, पितृत्व के रूप में अपना दायित्व निभा रही है। 1% से भी कम जैनी 22% से अधिक का दायित्व निभा रहे हैं। जैन का जैनैत्व भी बढ़ता रहना चाहिए।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुनि श्री उपशम कुमार ने भगवान महावीर स्वामी के 27 भवों का वर्णन करते हुए कहा कि कषायों पर विजय पाना जररूरी है।। कषायों को दूर करने से ही परम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है। जन्म मरण के चक्कर से मुक्ति मिल सकती है।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री रश्मि प्रभा ने आत्मा भिन्न है शरीर भिन्न है कि एक माला जपते हुए ध्यान के द्वारा अनुभव करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसा एक वर्ष लगातार करने से आप अपने आप में हुवे परिवर्तन को स्वयं अनुभव कर सकते हैं। साध्वी श्री जी ने गीतिका के माध्यम से भगवान महावीर के गुणों का गुणगान किया।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री कल्पयशा जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान का जन्म दिन अहिंसा, करूणा ओर मैत्री का जन्म दिन है। भगवान महावीर को एक दिन नही प्रति दिन याद रखे। उन्हें भुले नही। उनके बताऐं मार्ग पर चले। समाज में ओर अधिक एकता बढे। बीकानेर जैन समाज का यह आयोजन जैन एकता को और अधिक पुष्ठ करता है। किसी भी संगठन के लिए उसका रजत जयंती वर्ष मनाना आपसी एकता की मिसाल है।
मुख्य अतिथि गौरव जी बोथरा IAS, का परिचय महासभा के सह मंत्री मनीष जी नाहटा ने दिया।
तपागच्छ संघ से अर्पित गुणा श्री ने कहा भगवान महावीर ने जन्म मरण की श्रृंखला को तोड़ दिया, इसलिए हम जन्मकल्याणक महोत्सव मनाते है। यह लोकोत्तर पर्व है।
तपागच्छ से अमित गुणा श्री जी ने गीतिका का संगान किया। तथा भगवान के पांच कल्याणक के बारे में बताया।
तपागच्छ से साध्वी अर्चित गुणा श्री जी ने कहा की कषाय दूर हो जाने से कैवल्य ज्ञान होता है। हम हर समय पाप से बचने का प्रयास करे।
भगवान के प्रति अपनेपन का भाव जाग्रत करे। भगवान महावीर ने बहुत कठोर जीवन जिया। बहुत परिश्रम किया। ध्यान साधना के द्वारा अपने संचित कर्मों का क्षय करके मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
कार्यक्रम में जैन महासभा के अध्यक्ष श्री कन्हैयालाल बोथरा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस बार हमारा लक्ष्य है कि जैन महासभा का अपनी जगह पर अपना एक भवन हो। उन्होंने जैन महासभा की सभी गतिविधियों को और अधिक कुशलता से सम्पादित करने का संकल्प व्यक्त किया।
जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने महासभा की स्थापना से लेकर आज संस्था के 25 वर्षों रजत जयंती तक के सभी आयामों पर प्रकाश डाला।
समाजिक समरसता बढा़ने के लिए 21 व्यंजन सीमा अभियान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा दी।
विधार्थियो के लिए जैन महासभा द्वारा किये जा रहे कार्यों को बताते हुए कहा कि प्रायः प्रति वर्ष जरूरतमद परिवारों के बच्चों को एक निश्चित रकम शिक्षा सहायता के रूप में दी जाती है।
जैन महासभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने बताया कि भगवान महावीर ने कहा कि जितने व्यक्ति हैं उतने ही विचार है। विचार समान हो जाये, यह कभी संभव नही है। यह अवश्य सम्भव है कि विचारों की विविधता में भी संघर्ष नही हो ओर जैन महासभा बीकानेर भगवान के सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है।
इस अवसर पर जैन महासभा की महिला विंग के अध्यक्षा श्रीमती प्रेम जी नौलखा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बहिनों को महिला विंग के साथ जुडकर भगवान महावीर के सिद्धांतों को घर घर पहुंचाने के प्रयासों में अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में महासभा की महिला विंग ने गीतिका का संगान किया एवं भगवान महावीर की माता त्रिशला को आये 14 स्वप्नों के बाद में लघु नाटिका के माध्यम से बताया।
जैन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रोबोट के माध्यम से भगवान महावीर की आरती का संगान किया। AI व आधुनिक तकनीकी के माध्यम का झांकी में उपयोग किया। एवं सभी 24 तीर्थकरों की स्तुति की।
मुख्य अतिथि गौरव जी बोथरा ( IAS) ने भगवान महावीर के अनेकान्तवाद दर्शन को विश्व की समस्त समस्याओं के हल का रास्ता बताया।
कार्यक्रम में श्री गौरव जी बोथरा ( IAS), श्री राकेश बोहरा GM ICICI Bank व कान्तिलाल जी जैन (जसोल) का सम्मान जैन कन्हैयालाल बोथरा,श्री चम्पकमल सुराणा,श्री विजय कोचर, श्री इन्दरमल सुराणा, श्री जयचंद लाल डागा, श्री जैन लूणकरण छाजेड़, जैन विनोद बाफना, जैन मेधराज बोथरा, जैन कुनाण कोचर, जैन मोहन सुराणा, जैन मेधराज सेठिया आदि कार्यकर्ताओं ने किया।
झांकियों के बारे में मनोज जी सेठिया ने जानकारी प्रदान की ।
आभार ज्ञापन महासभा के उपाध्यक्ष संजय जैन सांड ने किया। संजय जैन सांड ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। सभी सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महनीय योगदान दिया। सभी स्कूलों ने अपने प्रयासों से भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर झांकियों को सुसज्जित करके शोभायात्रा में शोभा बढाई।
सभी अनुदान दाताओं का आभार व्यक्त किया। सभी साधु – साध्वियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। इन तीन दिवसीय कार्यक्रम में तन, मन, धन, समय देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया । विशेषकर बंसन्त जी नोलखा द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण हेतु अर्थ सहयोग के लिये, झांकी के लिये अर्थ सहयोग हेतु व अशोक जी सुराणा का फल वितरण में अर्थ सहयोग हेतु, एवं समाज के उदार श्रावकों, श्राविकाओं द्वारा झांकी में व कार्यक्रम में दिए गए आर्थिक सहयोग हेतु आभार प्रकट किया गया । पार्टिसिपेट को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया । महावीर पार्क को गोद लेने की प्रक्रिया में कार्य करने के लिये कुणाल कोचर का आभार व्यक्त किया गया । झांकी निकालने वाली सभी स्कूल व संस्थाओं का आभार प्रकट किया । कोचर पंचायती ट्रस्ट को गोड़ीपार्श्वनाथ जी परिसर उपलब्ध कराने के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया गया । मीडिया पार्टनर थार एक्सप्रेस, देश और व्यापार, जैन हिंदुस्तान एवं समस्त प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, पोर्टल मीडिया को आभार व्यक्त किया गया । जिला कलेक्टर व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये नम्रता वृष्णि जी, एस पी मृदुल कच्छावा जी, ट्रैफिक टी आई नरेश निर्वाण जी, पुलिस,प्रशासन, निगम का आभार व्यक्त किया ।जैन युथ क्लब द्वारा 29 मार्च को 307 यूनिट ब्लड डोनेशन, सामूहिक नवकार महामंत्र जाप व 31 मार्च को 2100 श्रावक श्राविकाओं द्वारा सामूहिक एकासन का कार्यक्रम तेरापंथ भवन में अत्यंत सफल रहा, इसके लिये जैन महासभा की ओर से आभार प्रकट किया । उपाध्यक्ष संजय जैन सांड ने समाज से आह्वान किया कि सभी जैन संप्रदायों की एक संवत्सरी हेतु बीकानेर की प्रमुख संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना चाहिये, अगर सभी का समर्थन मिला तो जैन महासभा अखिल भारतीय स्तर पर सभी आचार्यों से मिलकर जैन एकता के लिये एक संवत्सरी हेतु प्रयास करने के लिये तत्पर रहेगी ।
कार्यक्रम का संचालन महासभा के महामंत्री जैन जतनलाल संचेती ने किया।
जोग संजोग टाइम्स
जैन महासभा बीकानेर द्वारा भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 बड़े धूम धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महासभा के अध्यक्ष कन्हैयाल जी बोथरा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत 29 मार्च को महावीर पार्क में नवकार मंत्र की सामूहिक स्तुति व भगवान महावीर की प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का आगाज किया गया। तत्पश्चात बीकानेर के आचार्य तुलसी रिजनल कैंसर रिसर्च सेंटर, ट्रोमा सेन्टर, मुक बधिर आश्रम, महिला सेवाश्रम, अपना घर आश्रम , अंध विधालय, अनाथालय आदि स्थानों पर फल वितरण किये।
30 मार्च को एक शाम भगवान महावीर के नाम कार्यक्रम रखा गया। जिसमें भक्ति संध्या में बीकानेर के प्रतिष्ठित भजन गायकों ने अपने भजनों से भगवान की भक्ति की। इस अवसर पर भजन सम्राट स्व. मगन जी कोचर को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके समाज हित में एवं संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान हेतु श्रद्धांजलि व अभिनंदन पत्र उनके परिवार जनों को भेंट किया गया। साथ ही ज्ञान वाटिका, अर्हम स्कूल द्वारा नाटिका व सायशा कोचर द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुति की गई । सभी भजन कलाकारों को स्मृति चिन्ह व नाटिका प्रस्तुत करने वाले बच्चों को राशि भेंट की गई ।
भगवान महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर जैन महासभा बीकानेर के द्वारा 31 मार्च को विशाल शोभा यात्रा बीकानेर के तीन क्षेत्रों से एक साथ शुरू हुई।
गंगाशहर – भीनासर से जैन जवाहर विधा पीठ से दूसरी सुराणा स्वाध्याय सदन से व तीसरी दिगंबर नशिया मंदिर से। शोभा यात्रा का त्रिवेणी संगम बीकानेर भुजिया बाजार में हुआ वहाँ से शोभा यात्रा गौडी़ पार्श्वनाथ मन्दिर परिसर में पहुंची जहाँ विशाल धर्म सभा में समाहित हो गई।
आज इस विशाल शोभा यात्रा में विभिन्न स्कूलों व धार्मिक संगठनों ने 84 झांकियां प्रर्दशित की गई। जो भगवान के संदेशों और जीवन दर्शन की झलक दिखा रही थी।
कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण के शिष्य मुनि श्री अमृत कुमार जी ने कहा कि भगवान महावीर ने इस धरा पर जन्म लेकर आलोकित कर दिया।
हमारा जैन मंत्र नवकार भी जैन एकता का प्रतीक है।
हमारी सामायिक, नवकार, मंगलपाठ, तपस्या सभी एकता की प्रतीक है। बीकानेर जैन महासभा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 21 व्यंजन सीमा अभियान से प्रत्येक परिवार को जुड़ना चाहिए। जैन महासभा बीकानेर के जैन समाज के लिए मुख्या, मातृत्व, पितृत्व के रूप में अपना दायित्व निभा रही है। 1% से भी कम जैनी 22% से अधिक का दायित्व निभा रहे हैं। जैन का जैनैत्व भी बढ़ता रहना चाहिए।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुनि श्री उपशम कुमार ने भगवान महावीर स्वामी के 27 भवों का वर्णन करते हुए कहा कि कषायों पर विजय पाना जररूरी है।। कषायों को दूर करने से ही परम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है। जन्म मरण के चक्कर से मुक्ति मिल सकती है।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री रश्मि प्रभा ने आत्मा भिन्न है शरीर भिन्न है कि एक माला जपते हुए ध्यान के द्वारा अनुभव करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसा एक वर्ष लगातार करने से आप अपने आप में हुवे परिवर्तन को स्वयं अनुभव कर सकते हैं। साध्वी श्री जी ने गीतिका के माध्यम से भगवान महावीर के गुणों का गुणगान किया।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री कल्पयशा जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान का जन्म दिन अहिंसा, करूणा ओर मैत्री का जन्म दिन है। भगवान महावीर को एक दिन नही प्रति दिन याद रखे। उन्हें भुले नही। उनके बताऐं मार्ग पर चले। समाज में ओर अधिक एकता बढे। बीकानेर जैन समाज का यह आयोजन जैन एकता को और अधिक पुष्ठ करता है। किसी भी संगठन के लिए उसका रजत जयंती वर्ष मनाना आपसी एकता की मिसाल है।
मुख्य अतिथि गौरव जी बोथरा IAS, का परिचय महासभा के सह मंत्री मनीष जी नाहटा ने दिया।
तपागच्छ संघ से अर्पित गुणा श्री ने कहा भगवान महावीर ने जन्म मरण की श्रृंखला को तोड़ दिया, इसलिए हम जन्मकल्याणक महोत्सव मनाते है। यह लोकोत्तर पर्व है।
तपागच्छ से अमित गुणा श्री जी ने गीतिका का संगान किया। तथा भगवान के पांच कल्याणक के बारे में बताया।
तपागच्छ से साध्वी अर्चित गुणा श्री जी ने कहा की कषाय दूर हो जाने से कैवल्य ज्ञान होता है। हम हर समय पाप से बचने का प्रयास करे।
भगवान के प्रति अपनेपन का भाव जाग्रत करे। भगवान महावीर ने बहुत कठोर जीवन जिया। बहुत परिश्रम किया। ध्यान साधना के द्वारा अपने संचित कर्मों का क्षय करके मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
कार्यक्रम में जैन महासभा के अध्यक्ष श्री कन्हैयालाल बोथरा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस बार हमारा लक्ष्य है कि जैन महासभा का अपनी जगह पर अपना एक भवन हो। उन्होंने जैन महासभा की सभी गतिविधियों को और अधिक कुशलता से सम्पादित करने का संकल्प व्यक्त किया।
जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने महासभा की स्थापना से लेकर आज संस्था के 25 वर्षों रजत जयंती तक के सभी आयामों पर प्रकाश डाला।
समाजिक समरसता बढा़ने के लिए 21 व्यंजन सीमा अभियान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा दी।
विधार्थियो के लिए जैन महासभा द्वारा किये जा रहे कार्यों को बताते हुए कहा कि प्रायः प्रति वर्ष जरूरतमद परिवारों के बच्चों को एक निश्चित रकम शिक्षा सहायता के रूप में दी जाती है।
जैन महासभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने बताया कि भगवान महावीर ने कहा कि जितने व्यक्ति हैं उतने ही विचार है। विचार समान हो जाये, यह कभी संभव नही है। यह अवश्य सम्भव है कि विचारों की विविधता में भी संघर्ष नही हो ओर जैन महासभा बीकानेर भगवान के सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है।
इस अवसर पर जैन महासभा की महिला विंग के अध्यक्षा श्रीमती प्रेम जी नौलखा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बहिनों को महिला विंग के साथ जुडकर भगवान महावीर के सिद्धांतों को घर घर पहुंचाने के प्रयासों में अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में महासभा की महिला विंग ने गीतिका का संगान किया एवं भगवान महावीर की माता त्रिशला को आये 14 स्वप्नों के बाद में लघु नाटिका के माध्यम से बताया।
जैन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रोबोट के माध्यम से भगवान महावीर की आरती का संगान किया। AI व आधुनिक तकनीकी के माध्यम का झांकी में उपयोग किया। एवं सभी 24 तीर्थकरों की स्तुति की।
मुख्य अतिथि गौरव जी बोथरा ( IAS) ने भगवान महावीर के अनेकान्तवाद दर्शन को विश्व की समस्त समस्याओं के हल का रास्ता बताया।
कार्यक्रम में श्री गौरव जी बोथरा ( IAS), श्री राकेश बोहरा GM ICICI Bank व कान्तिलाल जी जैन (जसोल) का सम्मान जैन कन्हैयालाल बोथरा,श्री चम्पकमल सुराणा,श्री विजय कोचर, श्री इन्दरमल सुराणा, श्री जयचंद लाल डागा, श्री जैन लूणकरण छाजेड़, जैन विनोद बाफना, जैन मेधराज बोथरा, जैन कुनाण कोचर, जैन मोहन सुराणा, जैन मेधराज सेठिया आदि कार्यकर्ताओं ने किया।
झांकियों के बारे में मनोज जी सेठिया ने जानकारी प्रदान की ।
आभार ज्ञापन महासभा के उपाध्यक्ष संजय जैन सांड ने किया। संजय जैन सांड ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। सभी सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महनीय योगदान दिया। सभी स्कूलों ने अपने प्रयासों से भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर झांकियों को सुसज्जित करके शोभायात्रा में शोभा बढाई।
सभी अनुदान दाताओं का आभार व्यक्त किया। सभी साधु – साध्वियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। इन तीन दिवसीय कार्यक्रम में तन, मन, धन, समय देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया । विशेषकर बंसन्त जी नोलखा द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण हेतु अर्थ सहयोग के लिये, झांकी के लिये अर्थ सहयोग हेतु व अशोक जी सुराणा का फल वितरण में अर्थ सहयोग हेतु, एवं समाज के उदार श्रावकों, श्राविकाओं द्वारा झांकी में व कार्यक्रम में दिए गए आर्थिक सहयोग हेतु आभार प्रकट किया गया । पार्टिसिपेट को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया । महावीर पार्क को गोद लेने की प्रक्रिया में कार्य करने के लिये कुणाल कोचर का आभार व्यक्त किया गया । झांकी निकालने वाली सभी स्कूल व संस्थाओं का आभार प्रकट किया । कोचर पंचायती ट्रस्ट को गोड़ीपार्श्वनाथ जी परिसर उपलब्ध कराने के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया गया । मीडिया पार्टनर थार एक्सप्रेस, देश और व्यापार, जैन हिंदुस्तान एवं समस्त प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, पोर्टल मीडिया को आभार व्यक्त किया गया । जिला कलेक्टर व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये नम्रता वृष्णि जी, एस पी मृदुल कच्छावा जी, ट्रैफिक टी आई नरेश निर्वाण जी, पुलिस,प्रशासन, निगम का आभार व्यक्त किया ।जैन युथ क्लब द्वारा 29 मार्च को 307 यूनिट ब्लड डोनेशन, सामूहिक नवकार महामंत्र जाप व 31 मार्च को 2100 श्रावक श्राविकाओं द्वारा सामूहिक एकासन का कार्यक्रम तेरापंथ भवन में अत्यंत सफल रहा, इसके लिये जैन महासभा की ओर से आभार प्रकट किया । उपाध्यक्ष संजय जैन सांड ने समाज से आह्वान किया कि सभी जैन संप्रदायों की एक संवत्सरी हेतु बीकानेर की प्रमुख संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना चाहिये, अगर सभी का समर्थन मिला तो जैन महासभा अखिल भारतीय स्तर पर सभी आचार्यों से मिलकर जैन एकता के लिये एक संवत्सरी हेतु प्रयास करने के लिये तत्पर रहेगी ।
कार्यक्रम का संचालन महासभा के महामंत्री जैन जतनलाल संचेती ने किया।
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