30 July 2021 09:36 AM

जयपुर। बंगाल की खाड़ी में फिर से बने कम दबाव के क्षेत्र का असर शुक्रवार से राजस्थान के कुछ जिलों में दिखाई देगा। प्रदेश में दो दिन से धीमा पड़ा मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा। बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी। साथ ही तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान भी लगाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में भारी और कुछ में अति भारी बारिश होगी। अति भारी बारिश का सिलसिला 2 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जयपुर, जोधपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं पर अति भारी बारिश होगी।
राजस्थान में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। हालाकि जयपुर में रुक-रुक कर रिमझिम का दौर बुधवार से चल रहा है। उधर, मौसम विभाग का मानना है कि मानसून पूरे राजस्थान पर फिर से सक्रिय होगा।
मौसम विभाग के अनुसार तटीय बांग्लादेश से सटे हुए पश्चिमी बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण ऊपरी क्षोभमंडल तक विस्तारित है। इस तंत्र के अगले 48 घंटों के भीतर पश्चिमी बंगाल, झारखंड और बिहार होते हुए पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इस तंत्र के प्रभाव से राजस्थान में आगामी 24 घंटे के भीतर बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
जयपुर। बंगाल की खाड़ी में फिर से बने कम दबाव के क्षेत्र का असर शुक्रवार से राजस्थान के कुछ जिलों में दिखाई देगा। प्रदेश में दो दिन से धीमा पड़ा मानसून फिर से रफ्तार पकड़ेगा। बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी। साथ ही तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान भी लगाया जा रहा है।
मौसम विभाग ने पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में भारी और कुछ में अति भारी बारिश होगी। अति भारी बारिश का सिलसिला 2 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, जयपुर, जोधपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं पर अति भारी बारिश होगी।
राजस्थान में दो दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। हालाकि जयपुर में रुक-रुक कर रिमझिम का दौर बुधवार से चल रहा है। उधर, मौसम विभाग का मानना है कि मानसून पूरे राजस्थान पर फिर से सक्रिय होगा।
मौसम विभाग के अनुसार तटीय बांग्लादेश से सटे हुए पश्चिमी बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण ऊपरी क्षोभमंडल तक विस्तारित है। इस तंत्र के अगले 48 घंटों के भीतर पश्चिमी बंगाल, झारखंड और बिहार होते हुए पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इस तंत्र के प्रभाव से राजस्थान में आगामी 24 घंटे के भीतर बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
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