14 May 2021 10:47 AM

बीकानेर के विकास में सांझे मंच की जरूरत: डॉ. कल्ला
बीकानेर में विकास की संभावनाएं तलाश रही दुनिया की बड़ी कम्पनियाँ: मेघवाल
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,मुक्ति संस्था एवं साझी विरासत,बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में बीकानेर नगर स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रमों की श्रंखला में गुरुवार को मुख्य समारोह का ऑनलाइन आयोजन किया गया । आयोजन में बीकानेर :दशा और दशा विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के ऊर्जा एवं जनस्वास्थय मंत्री डॉ बी डी कल्ला थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी,नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई एवं महापौर श्रीमती सुशीला कंवर थी ।
कार्यक्रम संयोजक कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी ने बीकानेर के 534 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरी दुनिया में साम्प्रदायिक सदभाव के लिए बीकानेर अपनी अलायदा पहचान रखता है, जोशी ने कहा कि नगर की ऐतिहासिक वैभवशाली सभ्यता और संस्कृति के कारण यहाँ अपनत्व और भाईचारा अब तक कायम है, उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा ।
बीकानेर के विकास में सांझे मंच की जरूरत: डॉ. कल्ला
बीकानेर में विकास की संभावनाएं तलाश रही दुनिया की बड़ी कम्पनियाँ: मेघवाल
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर,मुक्ति संस्था एवं साझी विरासत,बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में बीकानेर नगर स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रमों की श्रंखला में गुरुवार को मुख्य समारोह का ऑनलाइन आयोजन किया गया । आयोजन में बीकानेर :दशा और दशा विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के ऊर्जा एवं जनस्वास्थय मंत्री डॉ बी डी कल्ला थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी,नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई एवं महापौर श्रीमती सुशीला कंवर थी ।
कार्यक्रम संयोजक कवि- कथाकार राजेन्द्र जोशी ने बीकानेर के 534 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरी दुनिया में साम्प्रदायिक सदभाव के लिए बीकानेर अपनी अलायदा पहचान रखता है, जोशी ने कहा कि नगर की ऐतिहासिक वैभवशाली सभ्यता और संस्कृति के कारण यहाँ अपनत्व और भाईचारा अब तक कायम है, उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा ।
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