12 April 2022 11:56 AM

जोग संजोग टाइम्स बीकानेर
मिली जानकरी के अनुसार बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों से समझ आ रहा है कि कानून व्यवस्था संभालना उनके बस में नहीं है, इसलिए वह कुर्सी छोड़ दें, मोदी जी संभाल लेंगे। उन्होंने कहा गहलोत को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि राजस्थान का गृहमंत्री कौन है, कानून व्यवस्था किसके जिम्मे है? अशोक गहलोत को गृहमंत्री के नाते अपना फर्ज पूरा करना चाहिए।
गहलोत को अभी से महसूस हो चुका है कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं से भाजपा तीन चौथाई बहुमत के साथ राजस्थान में सरकार बनाएगी। गहलोत के बयान पर पटलवार करते हुए पूनिया ने कहा कि करौली हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर लगातार झूठे आरोप लगा रहे हैं। पिछले 3 सालों में झूठे आरोप लगाने में भी अशोक गहलोत टॉप पर हैं। उन्होंने कहा देश के राजनीतिक नक़्शे से ग़ायब होने के बाद अब प्रदेश में जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस और अशोक गहलोत अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। बयानों से ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री मानसिक संतुलन खो चुके हैं। प्रदेश की जनता और बहुसंख्यक हिन्दू 2023 में मुख्यमंत्री के हर झूठ, वादाखिलाफी और अत्याचार का जवाब देंगे।_
_बीजेपी नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाना अशोक गहलोत की आदत बन चुकी
पूनिया ने कहा कांग्रेस सरकार की हर नाकामी, वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए केन्द्र सरकार और बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाना अशोक गहलोत की आदत बन चुकी है, जिससे वह दिल्ली में बैठे गांधी परिवार को खुश करने में लगे रहते हैं, जो कुर्सी बचाने के लिए उनकी मजबूरी भी बन चुकी है। कांग्रेस के शासन में बिगड़ी कानून व्यवस्था, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, लगातार लीक हो रहे पेपर, पेंडिंग भर्तियां, भत्ते के नाम पर बेरोजगार युवाओं से खिलवाड़, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ वादाखिलाफी हुई है। जिससे करीब 60 लाख किसान पिछले 3 साल से इंतजार कर रहे हैं। पूनिया ने कहा झूठ, भ्रष्टाचार, किसानों-युवाओं के साथ धोखा, बहन-बेटियों के साथ बढ़ते अत्याचार से कांग्रेस के हाथ पाप से इतने रंग चुके हैं। जो कभी नहीं धुल सकते।_
पीएम को आगे आकर हिंसा की निन्दा करनी चाहिए-गहलोत
करौली हिंसा के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि पीएम को आगे आना चाहिए और हिंसा की निंदा करनी चाहिए, भले ही इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो। कानून-व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। हिंदू हो, मुस्लिम- जो भी असामाजिक हो उसे सजा मिलनी चाहिए। गहलोत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देश को संबोधित करें और हिंसा की निंदा करें। देश में क़ानून का राज रहे। आज सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की है। वह देश में शांति स्थापित करने की अपील करें। वह कहें कि वह हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे
जोग संजोग टाइम्स बीकानेर
मिली जानकरी के अनुसार बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों से समझ आ रहा है कि कानून व्यवस्था संभालना उनके बस में नहीं है, इसलिए वह कुर्सी छोड़ दें, मोदी जी संभाल लेंगे। उन्होंने कहा गहलोत को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि राजस्थान का गृहमंत्री कौन है, कानून व्यवस्था किसके जिम्मे है? अशोक गहलोत को गृहमंत्री के नाते अपना फर्ज पूरा करना चाहिए।
गहलोत को अभी से महसूस हो चुका है कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं से भाजपा तीन चौथाई बहुमत के साथ राजस्थान में सरकार बनाएगी। गहलोत के बयान पर पटलवार करते हुए पूनिया ने कहा कि करौली हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर लगातार झूठे आरोप लगा रहे हैं। पिछले 3 सालों में झूठे आरोप लगाने में भी अशोक गहलोत टॉप पर हैं। उन्होंने कहा देश के राजनीतिक नक़्शे से ग़ायब होने के बाद अब प्रदेश में जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस और अशोक गहलोत अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। बयानों से ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री मानसिक संतुलन खो चुके हैं। प्रदेश की जनता और बहुसंख्यक हिन्दू 2023 में मुख्यमंत्री के हर झूठ, वादाखिलाफी और अत्याचार का जवाब देंगे।_
_बीजेपी नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाना अशोक गहलोत की आदत बन चुकी
पूनिया ने कहा कांग्रेस सरकार की हर नाकामी, वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए केन्द्र सरकार और बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाना अशोक गहलोत की आदत बन चुकी है, जिससे वह दिल्ली में बैठे गांधी परिवार को खुश करने में लगे रहते हैं, जो कुर्सी बचाने के लिए उनकी मजबूरी भी बन चुकी है। कांग्रेस के शासन में बिगड़ी कानून व्यवस्था, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, लगातार लीक हो रहे पेपर, पेंडिंग भर्तियां, भत्ते के नाम पर बेरोजगार युवाओं से खिलवाड़, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ वादाखिलाफी हुई है। जिससे करीब 60 लाख किसान पिछले 3 साल से इंतजार कर रहे हैं। पूनिया ने कहा झूठ, भ्रष्टाचार, किसानों-युवाओं के साथ धोखा, बहन-बेटियों के साथ बढ़ते अत्याचार से कांग्रेस के हाथ पाप से इतने रंग चुके हैं। जो कभी नहीं धुल सकते।_
पीएम को आगे आकर हिंसा की निन्दा करनी चाहिए-गहलोत
करौली हिंसा के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि पीएम को आगे आना चाहिए और हिंसा की निंदा करनी चाहिए, भले ही इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो। कानून-व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। हिंदू हो, मुस्लिम- जो भी असामाजिक हो उसे सजा मिलनी चाहिए। गहलोत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री देश को संबोधित करें और हिंसा की निंदा करें। देश में क़ानून का राज रहे। आज सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की है। वह देश में शांति स्थापित करने की अपील करें। वह कहें कि वह हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे
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